तीन लड़कियों की शर्मनाक हरकत, महंगे शौक पूरा करने के लिए किया ऐसा काम

पाली: राजस्थान के पाली के हनी ट्रैप मामले में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में पुलिस अब तक तीन आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, इन महिलाओं ने अपने शौक को पूरा करने के लिए हनी ट्रैप को रास्ता चुना था। पैसे मिलने के बाद भी जब इनके खिलाफ शिकायत नहीं हुई तो इनके अंदर से डर खत्म हो गया। पुलिस के अनुसार, इन तीनों महिलाओं ने कई लोगों को निशाना बनाया। तीनों के नाम भावना उर्फ भारती, श्वेता और दिव्या हैं और ये फिलहाल जेल में हैं। आइए जानते हैं ये महिलाएं कैसे इस गैंग में शामिल हुईं।

भावना कैसे आई इस गैंग में
खिवांड़ा गांव निवासी भावना उर्फ भारती उर्फ पूजा अपने पिता की पहली पत्नी की बेटी था लेकिन पिता ने जब दूसरी शादी की तो उसे अच्छा नहीं लगा। खुद को वह परिवार से अलग समझने लगी। बाहर घूमने लगी जब पिता ने बाहर घूमने से टोका तो उसने अपने पिता के ही खिलाफ खिंवाड़ा थाने में शिकायत की। भावना हनी ट्रैप के मास्टर माइंड रमेश चौधरी के संपर्क में आई। फिर उससे शादी कर ली। महंगे शौक के कारण भावना हनी ट्रैप की राह पर चल दी। परिवार से अलग हो गई और पति रमेश के साथ मिलकर गैंग बना ली। कई लोगों को अपने शिकार में फंसाया हालांकि पति से झगड़े के बाद उसने पति के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई।

गरीबी पसंद नहीं थी महंगे शौक के कारण गैंग में शामिल हुए दिव्या
दिव्या का पति घर खर्च चलाने के लिए गाड़ियों के पंचर बनाता था। कम कमाई से घर नहीं चल रहा था। ऐसे में दोनों के बीच झगड़ा होता था। अपने शौक पूरा करने के लिए दिव्या रमेश और भावना के संपर्क में आई और गैंग से जुड़ गई। दिव्या की इन हरकतों का उसके परिवार को भी पता नहीं था। पुलिस में मामला आने के बाद सबको जानकारी लगी।

पति के जेल जाने के बाद श्वेता आई संपर्क में
श्वेता उर्फ शीतल ने पिता की मौत के बाद पंकज नाम के युवक से शादी की। वह 4 साल से जेल में है। ऐसे में वो अपनी मां पर बोझ नहीं बनना चाहती थी, इसलिए काम की तलाश करने लगी और स्पा सेंटर में उसे काम मिला। श्वेता दिल्ली की रहने वाली है औऱ दो साल पहले राजस्थान आई। उसने यहां कई स्पा सेंटर में भी काम किए। हनी ट्रैप प्रकरण से जुड़ा गणेश देवासी पाली शहर के एक स्पा सेंटर में मैनेजर था। उसी स्पा में श्वेता भी काम करती थी। गणेश ने बाद में स्पा छोड़ दिया और रमेश चौधरी के गिरोह से जुड़ गया। गणेश ने ही श्वेता को भावना से मिलवाया। एक से ज्यादा लोगों को फंसाना होता था तो वह श्वेता को बुला लेते थे। श्वेता का काम भी फोन पर लोगों से मीठी-मीठी बातें कर उन्हें घर तक लाने का रहता था।

मामले में गिरफ्तार तीनों महिलाएं और मास्टर माइंड रमेश चौधऱी जेल में हैं। तीनों महिलाओं को जोधपुर जेल भेजा गया। रमेश पाली जेल में ही हैं। पुलिस मामले के बाकि आरोपियों की तलाश में जुटी है।