डिलीवरी के कितने दिनों बाद पीरियड दोबारा शुरू होते हैं?

सवाल : मैं 28 वर्षीय युवती हूं। तीन महीने पहले मैं एक बेटी की मां बनी हूं। अभी तक मेरे पीरियड दोबारा शुरू नहीं हुए हैं। मैं जानना चाहती हूं कि डिलीवरी के कितने दिनों बाद दोबारा मेरे पीरियड शुरू होंगे। क्या उस समय मुझे कोई तकलीफ भी होगी? कृपया जानकारी दें।

जवाब : आमतौर पर प्रसव यानी डिलीवरी के बाद नौ महीनों तक पीरियड नहीं आती है, यही वजह है कि अक्‍सर महिलाओं को डिलीवरी के बाद पीरियड्स आने को लेकर मन में कुछ सवाल रहते हैं। डिलीवरी के बाद पीरियड्स का शुरू होना हमेशा इस बात पर निर्भर करता है कि मां बच्चे को अपना दूध पिला रही है या नहीं।

डिलीवरी के बाद कब शुरू होते हैं पीरियड्स
डिलीवरी के लगभग छह से आठ सप्‍ताह के बाद पीरियड्स शुरू होते हैं, वो भी तब जब आप बच्चे को अपना दूध नहीं पिला रही हों तो। स्‍तनपान करवाने की स्थिति में पीरियड आने का समय हर महिला में अलग-अलग हो सकता है। कुछ महिलाओं को तब तक पीरियड्स नहीं आते हैं, जब तक वो शिशु को दूध पिलाती रहती हैं।

स्‍तनपान के दौरान क्‍यों नहीं आते हैं पीरियड्स
आमतौर पर स्‍तनपान करवाने वाली महिलाओं को हार्मोंस की वजह से डिलीवरी के बाद जल्‍दी पीरियड्स नहीं आते हैं। डिलीवरी के बाद शरीर में ब्रेस्‍ट मिल्‍क बनाने के लिए प्रोलैक्टिन नामक हार्मोन बनता है, जो कि प्रजनन हार्मोंस को दबा सकता है। इसके कारण ओवुलेशन नहीं होता है या फर्टिलाइजेशन के लिए एग रिलीज नहीं होते हैं। इस प्रक्रिया के बिना पीरियड्स नहीं आते हैं।

पीरियड शुरू होने पर हो सकती है कुछ परेशानियां
डिलीवरी के बाद जब पहली बार पीरियड शुरू होते हैं, तो ये प्रेगनेंसी से पहले होने वाले पीरियड की तरह नहीं होते हैं। चूंकि डिलीवरी के बाद शरीर पीरियड के लिए दोबारा एडजस्‍ट हो रहा होता है, तो प्रसव के बाद पहले पीरियड में आपको कुछ शारीरिक परेशानियां हो सकती है, जैसे कि तेज ऐंठन महसूस होना, ब्लड के छोटे छोटे थक्‍के आना, अधिक ब्‍लीडिंग होना, तेज दर्द और अनियमित पीरियड।

प्रेगनेंसी के बाद पहले पीरियड में आपको ज्‍यादा ब्‍लीडिंग हो सकती है। इसमें आपको यूट्राइन लाइनिंग के गिरने की वजह से तेज ऐंठन महसूस हो सकती है। हर महीने के साथ इन लक्षणों में कमी आने लगती है। कुछ दुर्लभ मामलों में थायराइड जैसी स्थितियों के कारण भी डिलीवरी के बाद पहले पीरियड में ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होती है। इसके अलावा जिन महिलाओं को प्रेगनेंसी से पहले एंडोमेट्रियोसिस की समस्या रही हो, उन्‍हें डिलीवरी के बाद पहले पीरियड में हल्‍की ब्‍लीडिंग हो सकती है।

इसके अलावा पीरियड्स शुरू होने पर शरीर में होनेवाले हार्मोनल बदलाव का असर आपके ब्रेस्‍ट मिल्‍क पर भी पड़ता है। पीरियड के दौरान आपको अपने ब्रेस्‍ट मिल्‍क में और दूध पीते समय शिशु की प्रतिक्रिया में कुछ बदलाव नजर आ सकते हैं। जैसे कि दूध का कम बनना और बच्‍चा कम दूध पी रहा है, तो इसका अर्थ है कि पीरियड का असर आपके ब्रेस्‍ट मिल्‍क पर भी पड़ा है। अगर नॉर्मल डिलीवरी के बाद पीरियड जल्‍दी शुरू हो जाते हैं, तो डॉक्‍टर आपको पोस्‍ट डिलीवरी के पहले पीरियड में टेम्पून का इस्‍तेमाल करने से मना कर सकते हैं। क्‍योंकि आपका शरीर अभी भी डिलीवरी के घावों से उभर रहा होता है और टेम्पून के इस्तेमाल से योनि में चोट लग सकती है।