ऑफिस में आई पत्नी की याद तो बॉस को देनी होगी छुट्टी, घर जाकर कर सकता है रोमांस

दुनिया में चीन (China) और भारत (China) जैसे देशों में जनसंख्या घटाने के लिए सरकारें तरह-तरह के कैंपेन और नीतियां चला रही हैं. वहीं दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां जनसंख्या की कमी (Population Problem) से सरकार परेशान है और यहां के यंग कपल्स को ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए कहा जा रहा है. ऐसे ही देशों में एक है जापान, जहां की सरकार यहां के लोगों को बच्चे पैदा करने के लिए छुट्टी दी दे रही है.

जापान की सरकार ने यंग कपल्स के लिए अनोखी स्कीम लॉन्च (10 days fertility leave ) की है. इस स्कीम के तहत जापान में युवा लोगों को उनके दफ्तर से सिर्फ इसलिए छुट्टी दी जाएगी कि वो घर जाकर रोमांस करें और ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करें. दिलचस्प बात ये है कि ये छुट्टी भी पेड होगी, यानि इस दौरान आपकी सैलेरी नहीं कटेगी.

Japan में रोमांस के लिए छुट्टी
जापान के सभी दफ्तरों में ये छुट्टी दी जाएगी. इस स्कीम के तहत साल में 10 दिन की छुट्टी ऐसी होगी, जिसमें लोगों को सिर्फ देश की जनसंख्या बढ़ाने में आपका योगदान बढ़ाने में योगदान देना होगा. 10 दिन की इस छुट्टी में दफ्तर की ओर से पैसे नहीं काटे जाएंगे, क्योंकि इस दौरान कपल्स देश की घटती हुई जनसंख्या बढ़ाने में अपना योगदान दे रहे होंगे. जापान की जनसंख्या 126 मिलियन से भी नीचे पहुंचने की वजह से जापान की सरकार को ये कदम उठाना पड़ा है.

घटती जनसंख्या (Decreasing Population) बन गई है मुश्किल
जापान साल 1950-1971 तक जापान दुनिया की टॉप 10 सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देशों में शुमार था. फिलहाल जापान (Population of Japan) में बच्चे पैदा होने की दर काफी गिर चुकी है और इसमें 840,832 की रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है. जापान के नेशनल पर्सोनल अथॉरिटी के अध्यक्ष युको कावामोटो (Yuko Kawamoto) ने कहा कि ऐसे हालात में सरकारी सिस्टम को कदम उठाना ही था. सरकारी कर्मचारियों का कहना था कि वे काम और बच्चे पैदा करना, दोनों एक साथ नहीं कर सकते हैं. ऐसे में सरकार ने उन्हें इसके लिए छूट दी है. अब साल भर में 10 दिन की पेड लीव सिर्फ बच्चे पैदा करने के लिए दी जाएगी.

अब तक कर्मचारियों को अपनी छुट्टियों में से ही फर्टिलिटी के लिए लीव लेनी होती थी, लेकिन अब 10 दिन पेड लीव मिलने के बाद उनकी समस्या का हल मिल जाएगा. जापान में जनसंख्या कम होने की वजह लोगों का तकनीक की ओर से ज्यादा आकर्षित होना भी बताया जाता है.