एसडीएम के घर पहुंचा चोर, घंटों की मेहनत से तोड़ा लॉक, नहीं मिला कुछ तो लिख डाली चिट्ठी

देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में डिप्टी कलेक्टर (एसडीएम) के यहां चोरों ने वारदात को अंजाम दे दिया। इतना ही नहीं, जब अफसर के घर में चोरों को कुछ नहीं मिला तो उन्होंने वहां एक लेटर ही छोड़ दिया। जिस पर लिखा था, ‘जब पैसे नहीं थे तो लाक ही नहीं करना था कलेक्टर’। चोरों ने जब घर खंगाला तो ज्यादा कीमती सामान नहीं मिला। कुछ नकदी और ज्वलेरी चोरी हुई, लेकिन जाते वक्त चोरों ने एसडीएम के नाम चिट्ठी लिखकर गुस्सा उतारा।

एसडीएम त्रिलोचन गौड़ का शहर के सिविल लाइन में सरकारी आवास है। वे खातेगांव तहसील में पदस्थ हैं, इसलिए करीब 15 दिन से उनका घर सूना था। सरकारी आवास में पिछले दिनों चोरी की वारदात हो गई। शनिवार शाम को जब वे देवास स्थित सरकारी आवास पर आए तो उन्होंने ताला टूटा देखा। संभवतः घर में ज्यादा सामान नहीं मिलने से चोर बौखला गया और एक पत्र एसडीएम के नाम छोड़ गया, जिसमें उसने लिखा, ‘जब पैसे नहीं थे तो लॉक भी नहीं करना था कलेक्टर।

एसडीएम के लौटते ही पत्र पर पड़ी नजर

जानकारी के अनुसार, 15 दिनों पहले डिप्टी कलेक्टर त्रिलोचन सिंह गौड़ को खातेगांव का एसडीएम नियुक्त किया गया था। एसडीएम का सरकारी आवास सांसद निवास के बिल्कुल पास ही है। शनिवार को जब एसडीएम आवास में लौटे तो उन्होंने ताला टूटा देखा। पुलिस को सूचना दी, तभी कुर्सी पर उन्हीं की डायरी और पेन का उपयोग कर एक पन्ना मिला। जिसमें लिखा था, ‘जब पैसे नहीं थे तो लॉक भी नहीं करना था कलेक्टर’।

नाराज होकर उसने पत्र लिख डाला

शायद चोर को उम्मीद थी कि सरकारी अधिकारी के आवास में उसे जमकर नकदी और ज्वेलरी मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ जिससे नाराज होकर उसने पत्र लिख डाला। कोतवाली पुलिस ने एसडीएम की शिकायत पर 30 हजार नकद, एक अंगूठी, चांदी की पायल और सिक्के चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज की है।