चीन ने अब शुरू की सबकी ‘जासूसी’, 35 करोड़ कैमरों से रख रहा लोगों पर नजर

वुहान: चीन में क्वारंटीन में रह रहे लोगों की जासूसी किए जाने का मामला सामने आया है. ये जासूसी कोई और नहीं चीन के राष्ट्रपति खुद जिनपिंग करा रहे हैं. दरअसल, ऐसे लोगों के घरों के बाहर और यहां तक कि अंदर भी कैमरा लगाए जा रहे हैं जो कोरोना के संदिग्ध हैं और होम क्वारंटीन में हैं. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पूरे चीन में अब तक करीब 35 करोड़ सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं. सरकार ने हालांकि अपने इस कदम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. लेकिन जिन लोगों के घरों में कैमरा लगाए गए हैं उन्होंने मीडिया को ये जानकारी दी है.

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वुहान शहर में भले ही लॉकडाउन खत्म हो चुका है. कोरोना काल के दौरान यहां रहने वाले लोग भी वापस से काम पर लौटने लगे हैं. लेकिन अब भी इन लोगों को कोरोना वायरस के वापस लौटने का डर सता रहा है क्योंकि चीन में अब नए कोरोना के मरीजों में संक्रमण के किसी भी तरह के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं.

दरअसल चीन में कोरोना वायरस के कई एसिंप्टोमेटिक केस सामने आए हैं. एसिंप्टोमेटिक को आसान भाषा में समझें तो वो बीमारी जिसमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं. ऐसे लोगों को चीन होम क्वारंटीन में रख रहा है और इन लोगों पर 24 घंटे नजर रखने के लिए कैमरे लगाए जा रहे हैं. ये कैमरे लोगों के घरों के अंदर और बाहर दरवाजे पर फिट किए जा रहे हैं.

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इतना ही नहीं चीन आम नागरिकों पर पैनी नजर बनाए हुए है. चीन में लोग कब घर से बाहर निकल रहे हैं? बाहर जाने की कोई वाजिब वजह है कि नहीं? इस दौरान उन्होंने मास्क तो पहन रखा है? कोरोना संक्रमण को दोबारा फैलने से रोकने को प्रशासन इन्हीं बातों पर नजर रखा रहा है. उसने हर घर के बाहर स्थानीय पुलिस स्टेशन से जुड़े ‘सर्विलांस कैमरे’ तैनात किए हैं.

हालांकि, चीन के पास ऐसा कोई कानून नहीं है जिसमें कैमरा सर्वेलांस के नियमन की बात हो, लेकिन यह डिवाइस आम लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं. उन्हें अक्सर सड़क पर आते-जाते, मॉल में, रेस्तरां, बस और यहां तक कि स्कूल के क्लासरूम में भी कैमरा दिख जाते हैं. स्थानीय टेलिविजन सीसीटीवी के मुताबिक, 2017 तक पूरे चीन में 2 करोड़ से ज्यादा कैमरा इंस्टॉल किए गए हैं. जबकि एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2019 तक चीन में करीब 35 करोड़ कैमरे इंस्टॉल किए गए.

वहीं, महामारी के वक्त ये कैमरा लोगों की निजी जिंदगी की भी जासूसी करता दिख रहा है. यहां तक कैमरा सिर्फ घर के दरवाजे तक ही नहीं बल्कि कुछ मामलों में अपार्टमेंट के अंदर तक देखे गए हैं. चीन पहले से ही लोगों की गतिविधि नियंत्रित करने के लिए डिजिटल हेल्थ कोड का इस्तेमाल कर रहा है और उस आधार पर तय किया जा रहा है कि किसे क्वारंटीन में रखने की जरूरत है.

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