हिज्बुल का टॉप कमांडर मसूद ढेर, त्राल के बाद डोडा भी आतंक मुक्त

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर का डोडा जिला एक बार फिर आतंक मुक्त हो गया है। अनंतनाग जिले में सोमवार सुबह हुई मुठभेड़ में डोडा निवासी हिजबुल कमांडर मसूद मारा गया। वह डोडा जिले में जिंदा बचा आखिरी आतंकवादी था। इसके खात्मे के साथ, आतंकवादी डोडा जिले में समाप्त हो गए हैं। मसूद के पास से कई हथियार बरामद किए गए थे।

दरअसल, आज सुबह जम्मू-कश्मीर से बड़ी खबर आई है। अनंतनाग में मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए हैं। मारे गए आतंकियों में से तीन की पहचान अभी नहीं हो पाई है। जम्मू और कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों का संयुक्त अभियान कल रात 11 बजे शुरू हुआ। मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकवादियों के पास से एके -47 बरामद हुई थी। आतंकियों के पास से दो पिस्तौल भी बरामद किए गए। मुठभेड़ अब खत्म हो गई है।

मारे गए आतंकियों में हिजबुल कमांडर मसूद और 2 लश्कर आतंकी थे। मसूद डोडा का रहने वाला था। सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। त्राल के बाद अब डोडा भी आतंक मुक्त हो गया है। इस साल जनवरी के बाद से, इस साल जनवरी से अब तक मुठभेड़ में 116 आतंकवादी मारे गए हैं। 1979 के बाद पहली बार हिज्बुल के आतंकियों का दक्षिण कश्मीर के त्राल से पूरी तरह सफाया हो गया।

इस साल घाटी में इन तीन आतंकवादियों की हत्या के साथ, अब तक मारे गए आतंकवादियों की आधिकारिक संख्या बढ़कर 116 हो गई है, जिसमें अब तक के सभी विभिन्न आतंकवादी संगठनों के 7 ऑपरेशनल कमांडर शामिल हैं। यह जून के महीने में केवल 13 वीं मुठभेड़ है जिसमें सुरक्षा बलों ने घाटी में 40 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया है।

हिजबुल मुजाहिदीन सुरक्षा बलों का मुख्य निशाना बना रहा। सभी आतंकवादी संगठनों में से, इसके अधिकांश आतंकवादी मारे गए। इसमें ऑपरेशनल कमांडर रियाज नाइकू भी शामिल हैं। हाल ही में, पुलिस ने दावा किया कि त्राल का क्षेत्र अब हिज़्ब-मुक्त हो गया है, जो 1989 से हिज्बुल मुजाहिद का केंद्र था।

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