लॉकडाउन में जाना है एक शहर से दूसरे शहर तो यह है आसान तरीका, जानिए कैसे

कोरोना संकट के चलते 24 मार्च से देशभर में लॉकडाउन लागू है। लॉकडाउन का तीसरा चरण 17 मई को खत्म हो रहा है। लॉकडाउन की घोषणा के बाद से कई नौकरीपेशा विशेषकर असंगठित क्षेत्र के लोग अलग-अलग शहरों में फंसे हुए हैं और अपने-अपने घर जाना चाहते हैं। बीते कई दिनों में लोग पैदल चलकर सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं।

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एक सवाल अब तक सबके मन में है आखिर लॉकडाउन में अगर किसी शख्स को एक शहर से दूसरे शहर जाना है तो क्या करना होगा? क्या सरकार इसकी इजाजत देती है और अगर इजाजत देती भी है तो किन शर्तों पर। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं जिनके जरिए लोगों को एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंचाया जा रहा है। रेलवे ‘श्रमिक ट्रेन’ के जरिए यह सुविधा मुहैया कर रहा है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि लोगों को आने-जाने में जो ढील दी गई है वो सिर्फ परेशान हाल में रहे प्रवासी कामगारों, श्रद्धालुओं, छात्रों, फंसे हुए पर्यटकों और प्रोफेशनल्स के लिए है। अलग-अलग राज्यों ने फंसे हुए लोगों को भेजने के लिए वेबसाइट बनाई है जिसपर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा आप ऑफलाइन भी आवेदन कर सकते हैं।

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इसके लिए आपको उस राज्य, शहर या फिर क्षेत्र के पुलिस थाने में जाना होगा और एक एप्लिकेशन फॉर्म भरना होगा। अगर आप सड़के के रास्ते या अपने प्राइवेट वाहन से दूसरे शहर में जाना चाहते हैं तो आपको मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ेगी। वहीं अगर आप ट्रेन से जाना चाहते हैं तो आपको इसकी जरूरत नहीं। इस फॉर्म को भरने के बाद आपको थाने में ही जमा करना होगा। इसके लिए ट्रेन, सड़क और निजी वाहन के लिए थाने में अलग-अलग लाइनें लगी हुई मिलेंगी।

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इसके बाद थाने डाटा की एंट्री कर संबंधित शहर या राज्य के नोडल ऑफिसर को भेजेंगे। यही नोडल ऑफिसर रेलवे और बसों और सड़क से यात्रा करने वालों की सूची तैयार करते हैं और ये सूची रेलवे और अन्य विभागों को भेजी जाती है। नोडल ऑफिस से इजाजत मिलने के बाद आवेदक को ट्रेन, सड़क या प्राइवेट वाहन से जाने के लिए समय और यात्रा के दिन की जानकारी देते हैं।

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