कांग्रेस ने योगी सरकार पर लगाया कोरोना महामारी के आंकडे़ छिपाने का आरोप

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने योगी सरकार पर कोरोना महामारी के आंकड़े छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा यूपी की जनता के साथ धोखा किया जा रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यूपी के अस्पतालों में आईसीयू, वेंटिलेटर व सेपरेट वार्ड नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार बताये कि यूपी के जिलों को किस आधार पर कोरोना मुक्त घोषित किया गया है।

कोरोना महामारी से संघर्ष करने के लिए जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में यूपी के पिछड़ेपन को उजागर करते हुए लल्लू ने केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यूपी के 75 जिलों में से 53 जिले ऐसे हैं, जहां 100 से कम आईसोलेशन बेड हैं जबकि इन्ही 53 में से 31 जिलों में कोरोना के केस पाए गए हैं।
अगर आईसीयू की ही बात करें तो यूपी के 75 में से 34 जिलों में आईसीयू का इंतजाम नहीं है और इन 34 जिलों में से 19 जिले ऐसे हैं, जहां कोरोना पॉजिटिव केस पाए गए हैं। इसी तरह वेंटिलेटर बेड्स के मामले में भी यूपी की हालत बहुत दयनीय है।

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कुल 75 जिलों में से 35 जिले ऐसे हैं जहां वेंटिलेटर बेड्स हैं ही नहीं जबकि इन्ही 35 में से 20 जिले ऐसे हैं जहां कोरोना के केस पाए गए हैं। लल्लू ने कहा कि कोरोना महामारी से लड़ने में अगर भारत में सबसे पिछड़ा कोई राज्य है तो वो यूपी है। उसमें भी सहारनपुर, फिरोजाबाद और रायबरेली इन तीन जिलों में सबसे खराब हालात हैं।

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चाहे पीपीई का मामला हो, दूसरी सुविधाओं जैसे वेंटिलेटर, आईसीयू आदि की बात हो या फिर महामारी के दौर में राज्य की जनता के साथ सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार का मामला हो, यूपी की भाजपा सरकार पूरी तरह से असफल साबित हुई है।
लल्लू ने सरकार से सवाल किया है कि आखिर किस आधार पर कुछ जिलों को हड़बड़ी में कोरोना मुक्त घोषित किया गया, वेंटिलेटर, आईसीयू और आइसोलेशन वॉर्ड की स्थिति को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने क्या फैसला लिया है और कब हरकत में आएगी।

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आगरा के महापौर द्वारा मुख्यमंत्री योगी से आगरा को बचाने की अपील की चिट्ठी का हवाला देते हुए लल्लू ने कहा कि योगी सरकार कोरोना महामारी के बारे में जिस आगरा माडल का ढोल पीट रही थी, उसकी हवा निकल चुकी है। उन्होंने आगरा में क्वारंटाइन किए गए लोगों को बिस्कुट और पानी फेंक कर दिए जाने की घटना पर हैरानी जताते हुए कहा कि इससे योगी सरकार का अमानवीय चेहरा प्रकट होता है।

आखिर अपने ही लोगों को साथ कोई सरकार ऐसा बुरा बर्ताव कैसे कर सकती है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आगरा में क्वारंटाइन किए गए गरीब लोगों के साथ बुरा बर्ताव करने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कोई कार्रवाई होगी?
लल्लू ने कहा कि प्रदेश के मुख्य औद्योगिक शहर कानपुर में कुछ मीडिया कर्मियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद ऐसी आशंका जताई जा रही है कि शहर में हजारों की तादात में कोरोना पॉजिटिव हो सकते हैं लेकिन उनका अता-पता नहीं। आखिर पता चले भी तो कैसे ? क्योंकि योगी सरकार तो अधिक से अधिक जांच करने के बजाय आंकड़ों को दबाने और जो मीडिया सच्चाई का बयान करे, उसके खिलाफ केस करने में मशगूल है।

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