क्या होता है ल्यूकेमिया, जिसकी वजह से ऋषि कपूर की जान चली गई?

ऋषि कपूर ने 30 अप्रैल को दुनिया छोड़ दी. कैंसर ने उन्हें हरा दिया. उनके परिवार ने स्टेटमेंट जारी कर कहा कि हमारे प्रिय ऋषि कपूर का सुबह 8:45 बजे अस्पताल में निधन हो गया. ल्यूकेमिया से दो साल के संघर्ष के बाद. डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ ने कहा कि उन्होंने आखिरी समय तक उनका मनोरंजन किया.

ये ल्यूकेमिया क्या होता है?
ल्यूकेमिया ब्लड कैंसर का एक टाइप है. शरीर को चलाने के लिए खून चाहिए और खून में होते हैं ब्लड सेल. आसान भाषा में ब्लड सेल भी अच्छे और खराब होते हैं. जब खराब ब्लड सेल बढ़ने लगते हैं तो ल्यूकेमिया होता है. व्हाइट ब्लड सेल (WBC) की मात्रा बढ़ जाती है. उन रेड ब्लड सेल (RBC) की कमी होने लगती है, जो शरीर के लिए ज़रूरी होते हैं. दूसरे कई तरह के ब्लड सेल असाधारण तरीके से पनपने लगते हैं. प्लेटलेट्स घटते हैं.

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बोन मैरो (अस्थिमज्जा) पर इसका असर पड़ता है. बोन मैरो हड्डियों खासकर जांघों की बड़ी हड्डियों में पाए जाने वाले सेमी-सॉलिड टिश्यू होते हैं. हर दिन बोन मैरो करोड़ों की संख्या में नए ब्लड सेल्स बनाते हैं, जिनमें ज़्यादातर रेड ब्लड सेल्स ही होते हैं. ल्यूकेमिया होने पर शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए पर्याप्त रेड ब्लड सेल्स ही नहीं रह जाते हैं.

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एक्यूट और क्रॉनिक ल्यूकेमिया
ल्यूकेमिया कई प्रकार का होता है इसलिए इसे कई हिस्सों में बांटा गया है. इसमें भी एक हिस्से को एक्यूट ल्यूकेमिया और क्रॉनिक ल्यूकेमिया में बांटा जाता है.
एक्यूट ल्यूकेमिया में वो ब्लड सेल तेजी से बढ़ते हैं, जो मेच्योर नहीं हैं. इसकी वजह से स्वस्थ ब्लड सेल नहीं बन पाते. हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स की मात्रा कम होने लगती है. खराब ब्लड सेल धीरे-धीरे शरीर के दूसरे हिस्सों को प्रभावित करते हैं. इसमें तुरंत इलाज की ज़रूरत होती है.

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क्रॉनिक ल्यूकेमिया में असाधारण तरीके से व्हाइट ब्लड सेल बनती हैं, लेकिन इन्हें बढ़ने में महीनों या सालों लगते हैं. ये एक्यूट ल्यूकेमिया से स्लो होता है. इसमें मॉनिटरिंग की ज़्यादा ज़रूरत होती है. ये बुजुर्गों में ज़्यादा होता है लेकिन इसमें भी हर उम्र के लोगों को खतरा बना होता है.

लक्षण
शुरुआत में इसके लक्षण पकड़ में नहीं आते हैं. लेकिन इसके कुछ कॉमन लक्षण होते हैं. जैसे- कमज़ोरी, बुखार, सिरदर्द, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, आसानी से खून बहना, आसानी से संक्रमित हो जाना, उल्टी होना, वज़न घटना, सांस लेने में तकलीफ.

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