Breaking news :PM मोदी के राहत पैकेज में किसानों, मजदूरों को बडी सौगात, यहां देंखे विस्तार से

नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार को 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज के ब्रेकअप के दूसरे चरण की जानकारी दे रही हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि आज अप्रवासी मजदूर, स्ट्रीट वेंडर, छोटे व्यापारियों और किसानों के लिए 9 अहम घोषणाएं की जाएंगी। इसके तहत छोटे किसानों को बड़ी राहत दी गई है। उन्हें दिए जाने वाले कर्ज पर ब्याज में छूट की स्कीम 31 मई तक बढ़ा दी गई है। इसके अलावा जो अप्रवासी मजदूर अपने घरों की ओर लौटे हैं, वे वहीं पर काम दिया जाएगा। मनरेगा के तहत मजदूरी भी 182 रुपए से बढ़ाकर 200 रुपए कर दी गई है। पहले चरण में छोटे व्यवसायों, रियल एस्टेट, संगठित क्षेत्र के वर्कर और अन्य लोगों के लिए करीब 6 लाख करोड़ की घोषणाएं की गई थीं।

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Nirmala Sitharaman

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1) किसान
वित्त मंत्री ने कहा- 3 करोड़ किसानों ने रियायती दरों पर लोन लिया। उन्होंने 4 लाख करोड़ रुपए का कृषि लोन लिया। मार्च-अप्रैल में 63 लाख कृषि कर्ज दिए गए। ये 86 हजार 600 करोड़ के थे। इससे किसानों को फायदा हुआ। फसल की खरीद के लिए राज्यों को दी जाने वाली वित्तीय मदद 6700 करोड़ रुपए केंद्र सरकार ने बढ़ाई। ग्रामीण इलाकों में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 4200 करोड़ रुपए दिए गए हैं। किसानों के लिए इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम को 31 मई तक जारी रहेगी यानी छोटे किसानों के लिए कर्ज पर ब्याज में छूट की स्कीम 31 मई तक बढ़ा दी गई है।

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2) प्रवासी मजदूर
कोरोना के दौरान प्रवासी मजदूरों के लिए शेल्टर होम की व्यवस्था की। जो शहरी लोग बेघर हैं, उन्हें इसका फायदा मिला। जो अप्रवासी मजदूर अपने राज्यों में लौटे हैं, उनके लिए भी योजनाएं हैं। इस पर अब तक 10 हजार करोड़ रुपए खर्च कर चुके हैं। इसके तहत 1.87 हजार ग्राम पंचायतों में काम हुआ है। जो मजदूर अपने घरों में लौटे हैं, वे वहीं रजिस्टर कर काम ले सकते हैं। मनरेगा के तहत मजदूरी 182 रुपए से बढ़ाकर 200 रुपए कर दी गई है।

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मजदूरों को लाभ देने जा रहे हैं। न्यूनतम वेतन का लाभ 30% वर्कर उठा पाते हैं। समय पर उन्हें पैसा नहीं मिलता। गरीब से गरीब मजदूर को भी न्यूनतम वेतन मिले और क्षेत्रीय असामनता दूर हो इसके लिए कानून बनाया जाएगा। अप्रवासियों को अगले दो महीने तक 5-5 किलो चावल-दाल दिए जाएंगे।

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