17 मई के बाद ये बडे कदम उठाने वाली है मोदी सरकार, जान ले. ..

Modi government
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नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए देशभर में लॉकडाउन को दो हफ्तों तक बढ़ाया गया। सोमवार से लॉकडाउन का तीसरा चरण शुरू हो गया, जो 17 मई तक चलेगा। लगभग 10 दिन बाद लॉकडाउन 3.0 की अवधि समाप्त होने जा रही है। ऐसे में अब केंद्र सरकार लॉकडाउन के बाद की नई रणनीति बनाने में जुट गई है। इस बार सरकार ने हर जिलों को रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन में बांटा है और उसके हिसाब से ही लॉकडाउन में कुछ रियायतें दी है। अब केंद्र सरकार बंद के दौरान दी जा रही छूट की स्थितियों का आकलन करने में जुटी है। लॉकडाउन 3.0 की हर गतिविधियों कि रिपोर्ट बनाई जा रही है।

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दरअसल, लॉकडाउन में छूट के बाद बढ़ती भीड़ सरकार के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में लॉकडाउन में एकसाथ ढील देना संभव नहीं होगा। सरकार जरूरी सेवाओं के लिए सेक्टरवार व्यवस्था कर सकती है। साथ ही आर्थिक दृष्टि से कम महत्वपूर्ण सेक्टरों को कुछ समय के लिए बंद रख सकती है। हालांकि, अभी आधिकारिक रूप से इसको लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है।

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ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था, जान भी बचानी है और जहान भी। सरकार के लिए लोगों की जान के साथ देश की अर्थव्यवस्था संभालना भी चुनौती है। इसलिए लंबे समय तक लॉकडाउन नहीं किया जा सकता। शराब की बिक्री से सरकार को बड़ा राजस्व मिलता है, लेकिन उसके लिए लगने वाली भीड़ कोरोना का खतरा बन सकती है। ऐसे में ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा दिया जा सकता है। छत्तीसगढ़ ने इसकी शुरुआत कर दी है। इसी तरह अन्य राज्यों में भी इसे शुरू किया जा सकता है।

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खर्चों में करनी होगी कटौती
विशेषज्ञों के मुताबिक, कोरोना से लड़ने के लिए भारत को अलग रणनीति बनानी होगी। जिसमें वह आत्मनिर्भर हो सके। इसके लिए खर्चों में कटौती करनी होगी। कई राज्यों ने ऐसा किया भी है। महाराष्ट्र में खर्चों में कटौती की गई है। राज्यसभा सचिवालय और उप राष्ट्रपति कार्यालय में भी कटौती हो रही है। अब अनावश्यक खर्चों को कम करने पर जोर दिया जा सकता है। लॉकडाउन के बाद सरकार Odd-Even पर भी विचार कर सकती है। सरकार ऐसे सेक्टरों की पहचान कर रही है जहां सबसे ज्यादा भीड़ जुटती है। सरकार की पहली प्राथमिकता ऐसे सेक्टरों को कुछ दिनों के लिए बंद रखनी होगी। वहीं, दूसरी Odd-Even जैसी व्यवस्था लागू कर जरूरी सेक्टरों को शुरू कर सकती है।

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वैक्सीन नहीं आने तक सोशल डिस्टेंसिंग एकमात्र कोरोना से बचने का उपाय है। ऐसे में लॉकडाउन के बाद लंबे समय तक सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी होगी। लॉकडाउन के बाद सरकार के हर नियमों का पालन करना आवश्यक होगा। स्वच्छता अभियान की तरह अब सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना, हाथ धोना आदि को जीवन का हिस्सा बनाना होगा। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना होगा।

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