सीमा पर तनाव के बीच भारत को एक और झटका देने की तैयारी में चीन

नई दिल्ली। सीमा पर तनाव के बीच चीन भारत को एक और झटका देने की तैयारी में है. चीन ने कहा है कि वह भारत से पोर्क (सुअर के मांस) के आयात पर बैन लगाने जा रहा है. चीन के इस कदम को वहां की सरकारी मीडिया ने खुद ही मौजूदा सीमा तनाव से जोड़ा है.

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चीन के सीमा शुल्क विभाग और कृषि व ग्रामीण मामलों के मंत्रालय ने बुधवार को संयुक्त रूप से एक नोटिस जारी किया. इसमें कहा गया है कि चीन भारत से सुअरों और इससे जुड़े सभी उत्पादों पर बैन लगाने जा रहा है. प्रतिबंध लगाने की वजह अफ्रीकन स्वाइन फीवर की रोकथाम और चीन के वन्यजीवों की सुरक्षा बताई गई है.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में स्वाइन फ्लू का पहला मामला मई महीने में आया था और असम में इस बीमारी से 14000 सुअरों की जान चली गई है. वहीं, चीन में बीमारी का सबसे पहला मामला अगस्त 2018 में ही आ गया था. चीन में सुअर के मांस की खूब खपत होती है. कोरोना वायरस की महामारी के दौरान भी चीन में सुअर के मांस की मांग नहीं घटी.

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हालांकि, सरकारी नोटिस में भारत-चीन के बीच जारी सीमा विवाद का कोई जिक्र नहीं है. लेकिन सरकार का मुखपत्र कहे जाने वाले ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, गलवान घाटी में दोनों देशों के बीच तनाव के बीच भारत से पोर्क के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया है. ग्लोबल टाइम्स ने दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराते हुए लिखा, चीनी इलाके से लगी सीमा में भारत ने अवैध तरीके से डिफेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाना शुरू किया जिसकी वजह से टकराव शुरू हुआ.

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भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को बताया कि दोनों पक्ष सीमा पर चल रहे तनाव को शांतिपूर्वक सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं. एक दिन पहले भारत में चीनी राजदूत सन वेडांग ने कहा था कि दोनों देश एक-दूसरे के लिए खतरा नहीं है और बातचीत के जरिए मतभेद दूर किए जाने चाहिए.

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इससे पहले, चीन कोरोना वायरस महामारी की अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की मांग करने वाले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी व्यापार को हथियार बना चुका है. ऑस्ट्रेलिया में चीनी राजदूत चेंग जिंगाये ने धमकी दी थी कि इस तरह का कदम उठाने पर चीन के लोग ऑस्ट्रेलियाई वस्तुओं का बहिष्कार कर देंगे. इसी महीने चीन ने ऑस्ट्रेलिया से जौ आयात पर 80 फीसदी टैरिफ लगा दिया और वहां के चार मीट प्रोसेसिंग प्लांट्स से बीफ आयात पर प्रतिबंध लगा दिया. ऑस्ट्रेलिया बड़े पैमाने पर चीन को अपना सामान बेचता है. हालांकि, भारत के साथ ऐसा नहीं है.

भारत चीन से आयात ज्यादा करता है और निर्यात कम. वर्ष 2018-19 में भारत का चीन के साथ जहां 53.56 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा था. ऐसे में, अगर भारत चीन से आयात पर बैन लगा देता है तो चीन को ही ज्यादा नुकसान होगा.

वैसे चीन के लिए ये कोई नई बात नहीं है कि वह किसी देश से मतभेद होने पर कोई बहाना बनाकर वहां से आयात पर प्रतिबंध लगा दे. मार्च 2019 में, चीन ने जहाज में हानिकारक कीटाणु मिलने का दावा कर कनाडा के रिचर्डसन इंटरनेशनल से कनोला के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था. उस वक्त तमाम विश्लेषकों ने आशंका जताई थी कि कनाडा सरकार के हुआवे कंपनी के सीएफओ को गिरफ्तार करने के जवाब में चीन ने ये बैन लगाया.

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