देश के इस कोने से 1 सप्ताह में 10 गुना रफ्तार से बढ रहे कोरोना के मरीज

पटना। बिहार में कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए जारी लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराए जाने के बावजूद पिछले एक सप्ताह में संक्रमित मरीजों की संख्या 10 गुना की रफ्तार से बढ़कर 345 पर पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 21 मार्च 2020 को बिहार में कोरोना संक्रमित पहले मरीज की मौत हुई। वह खाड़ी देश कतर से भारत आया। मुंगेर जिले के चौंरबा निवासी सैफ अली (38) किडनी रोग से पीड़ति था और इलाज के लिए पहले वह मुंगेर के ही नेशनल हॉस्पीटल में भर्ती हुआ।

कुछ दिन बाद उसे पटना के निजी अस्पताल लाया गया और फिर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में चंद दिनों के इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। जांच रिपोर्ट में उसे कोरोना संक्रमित बताया गया। अकेले सैफ ने मुंगेर जिले के सात समेत कुल 13 लोगों को संक्रमित कर दिया। सैफ की मौत के बाद 22 मार्च 2020 को सरकार ने पूरे राज्य में लॉकडाउन की घोषणा कर दी। इसके बाद 25 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन लागू हो गया।

UP में तेजी से बढ़ रही कोरोना मरीजों की संख्या, जानिए हर जिले का हाल

बिहार में सैफ की मौत के बाद कोरोना संदिग्धों की जांच की गति तेज हुई और 21 मार्च से लेकर 19 अप्रैल तक बिहार में कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 96 पर पहुंची। इन तीस दिनों में संक्रमितों की संख्या का औसत महज तीन मरीज प्रतिदिन रहा लेकिन 20 अप्रैल से लेकर 27 अप्रैल तक महज आठ दिनों में 249 नए संक्रमित मरीज मिले। इन आठ दिनों का औसत निकालें तो एक दिन में 31 मरीज संक्रमित हुए और वृद्धि दर 10 गुना रही।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से 20 अप्रैल को जारी रिपोर्ट में एक दिन में 17 संक्रमितों की पुष्टि की गई, जिससे राज्य में कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 113 हो गई। ये सभी नालंदा जिले में बिहार शरीफ के रहने वाले हैं। इनमें 10 पुरुष और सात महिला शामिल हैं। इसके अगले दिन राज्य में 13 मरीज मिले, जिससे राज्य के कुल संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 126 हो गया। इनमें मुंगेर के सात, बक्सर के चार तथा पटना और रोहतास के एक-एक मरीज शामिल हैं।

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