इधर पीएम मोदी कर रहे थे देश को संबोधित, उधर पहली बार हुआ कुछ ऐसा चौंक गये लोग

नई दिल्ली। दोपहर एक बजकर दो मिनट पर प्रधानमंत्री का संदेशा आता है- ‘आज शाम 6 बजे राष्ट्र के नाम संदेश दूंगा। आप जरूर जुड़ें।’ फौरन सोशल से मेन मीडिया तक हलचल कि कुछ बड़ी बात हो सकती है।

ठीक 6 बजे मोदी बढ़ी हुई दाढ़ी और गले में गमछा टांगे आते हैं और 12 मिनट बोलते जाते हैं। टकटकी लगाए जनता सुनती-देखती रहती है। आखिरकार बात सिर्फ कोरोना की होती है, वह भी हाथ जोड़े। थोड़ी अपनी तारीफ, थोड़ी सरकार की और फिर कुछ लोगों की।

मोदी का 7 महीने में राष्ट्र के नाम यह 7वां संदेश है। बिहार में वोटिंग से ठीक 8 दिन पहले। दो दिन बाद वहां जा भी रहे हैं चुनावी रैली करने। उससे पहले प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा- ‘जब तक कोरोना की दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं।’ देखेंगे उनकी रैली में क्या होता है…। मोदी के भाषण में कबीर भी आए और रामचरित मानस भी। साथ ही 3 धर्मों के 6 त्योहार भी, यानी नवरात्र, दशहरा, ईद, दीपावली, छठ पूजा और गुरुनानक जयंती का जिक्र।

इस सबके बावजूद भाजपा के यू-ट्यूब चैनल पर मोदी के भाषण को कम पसंद किया गया। संदेश के दौरान भाजपा के चैनल पर लाइक से ज्यादा डिसलाइक थे। जब मोदी का भाषण खत्म होने को था तो पार्टी ने अपने चैनल से डिसलाइक के नंबर छुपा लिए। यानी लोग लाइक-डिसलाइक तो कर सकते थे, पर उसके नंबर कितने हुए, ये नहीं जान सकते थे।

हालांकि, बाद में इस संख्या में भारी बदलाव आ गया और डिसलाईक के मुकाबले भारी संख्या में लाईक बढ गये।

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