देश में एक बार फिर से लगेगा लाॅकडाउन? अमित शाह ने दिया ये जवाब

नई दिल्ली। देश के गृह मंत्री अमित शाह ने एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में बताया कि कोरोना पॉजिटिव होने के दौरान उन्होंने अपना किस तरह से ध्यान रखा. साथ ही उन्होंने कहा कि क्वारंटीन के दौरान उन्होंने अपना समय ऐसे काम में लगाया जिसे करने के लिए उन्हों लंबे अरसे से वक्त ही नहीं मिल पा रहा था।

बातचीत के दौरान अमित शाह ने एक ऐसे सवाल का जवाब भी दिया जिसका पूरे देश को इंतजार था. जी हां, उन्होंने भारत में दोबारा लॉकडाउन लगेगा या नहीं इसे लेकर जवाब दिया

सवाल- पूरी दुनिया में अब कह रहे हैं कि कोरोना का सेकेंड वेव आ रहा है. बहुत सारी जगह लॉकडाउन का दूसरा चरण शुरू हो गया है. क्या भारत में भी दूसरे लॉकडाउन के लिए आप लोगों ने कुछ सोचकर रखा है?
जवाब- नहीं, अभी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमने एक सावधानी का बड़ा अभियान चलाया है गांव-गांव तक, स्कूल-स्कूल तक पुलिस थाने तक, आंगनबाड़ी तक, हेल्थ वर्कर तक हर घर तक पहुंचाने का प्रयास किया है कि जब तक टीका नहीं संशोधित हो जाता और जब तक इसकी दवाई नहीं बन जाती मास्क लगाना, दो गज की दूरी रखना और हाथों को कई बार दिन में अच्छे से साफ करना ये तीनों चीजों पर बल देना यही है और जहां तक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का सवाल है मैं मानता हूं कि लॉकडाउन के वक्त ही हमने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को ढंग से सुधार कर लिया या भारत में कोविड से लड़ने के लिए दुनिया में कह सकते हैं कि सबसे अच्छा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर है इसके प्रोटोकॉल भी बन गए हैं कि किस स्टेज पर कोन सी दवाई देनी है, रिपोर्ट किस तरह से निकालनी है.

एम्स हर रोज 35-40 अस्पतालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर रहा है इनके डॉक्टरों को गाइड कर रहा है. पेचिदे जो केस हैं उनको रेफर किया जा रहै है. इसके कारण मृत्युदर भी कम हो रहा है और रिकवरी रेट बहुत तेजी से बढ़ रहा है. जब देश में लॉकडाउन लगा तब विपक्ष के कुछ नेता विशेषकर राहुल गांधी कहते थे कि पूरा देश बंद कर दिया, लॉकडाउन करने की जरूरत नहीं थी. आज उनको मालूम नहीं है कि अगर लॉकडाउन ना करते और उस वक्त कोरोना का पीक आता बगैरह हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लाखों-करोड़ों लोग मर जाते।

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