जिन महिलाओं के हाथ में होते हैं ऐसे निशान, करती है खानदान का नाम …

दर्शकों सामुद्रिक शास्त्र में महिलाओं के शरीर पर राजयोग के निशान का वर्णन किया गया है। सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक महिलाओं के शरीर पर स्थित राजयोग के निशानों पर विचार कर उनके भविष्य के बारे में बताया गया है। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार महिलाओं के अंगों की संरचना के आधार पर यह भी पता लगाया जाता है कि कोई कितना अधिक भाग्यशाली है। सामुद्रिक शास्त्र में महिलाओं की कुछ ऐसे लक्षणों की चर्चा की गई है जो यह बताती है कि कोई महिला अपने जीवन में कितना अधिक भाग्यशाली होगी। आज हमारें इस लेख में हम यहीं जानेंगें।

*जिस महिला की हथेली में त्रिशूल, तलवार, गदा और नगाड़े जैसी रेखा हो तो वह दान के द्वारा यश प्राप्त करती है। साथ ही दोनों हथेली के अंगूठे सीधे, गोल और नाखून कोमल होते हैं उनका जीवन सुखी रहता है।जिस महिला का चेहरा पूर्णिमा की चाँद जैसा गोल, शरीर का रंग गोरा, आंखें थोड़ी बड़ी और होंठ हल्की सी लालिमा लिए हुए हों ऐसी महिला बहुत अधिक भाग्यशाली मानी जाती है। साथ ही इन लक्षणों से युक्त महिला अपने जीवन में सभी भौतिक और संसारिक सुखों का आनंद लेती हैं।

*जिस महिला के हाथ की रेखा लाल, गहरी, चिकनी, और गोलाकार हो तो वह महिला अत्यधिक भाग्यशाली होती हैं। ऐसे शुभ चिन्हों से युक्त महिला संपूर्ण जीवन प्रायः सभी सुखों का आनंद लेती हैं। जिस महिला की दोनों आंखों के ऊपर-नीचे का भाग हल्का लाल, पुतली का रंग काला, सफेद भाग गाय के दूध के समान और भौहों का रंग काला हो वह महिला अच्छे गुणों वाली होती है।

*यदि महिला गोरी या सांवले रंग की हो, मुंह, दांत और माथा चिकना हो वह बहुत भाग्यशाली होती है। साथ ही अपने कुल-खानदान का नाम रोशन करने वाली होती है।

*जिस नारी के अंग कोमल, नेत्र, जांघ और पेट हिरन के समान हो। ऐसी महिला दासी के गर्भ से उत्पन्न होकर भी राजा के समान पति को प्राप्त करती है और कुल-खानदान का नाम रोशन करतीं हैं। इसके अलावे जिन महिलाओं के दोनों हाथ, अंगूठा और अंगुलियाँ सामने हो साथ ही पतली और सुंदर हो ऐसी महिला सौभाग्यशाली होती है।

*जिस महिला की हथेली में मछली का चिह्न हो वह सुंदर, भाग्यशाली और स्वास्तिक का चिह्न हो तो धन देने वाली होती है। यहीं अगर कमल का चिह्न हो तो राजपत्नी की जैसे मान-सम्मान प्राप्त करती हैं। इतना ही नहीं वह गुणवान पुत्र को जन्म देती है। जिस महिला की हथेली में गोलाकार वृत्त का चिन्ह होता है वह चक्रवर्ती राजा की पटरानी होती है। यदि हथेली में शंख, छाता और कछुए का चिह्न हो तो वह राजमाता होती है।

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