सीएम की कुर्सी छोड़ने जा रहे अशोक गहलोत? मिला ये संकेत

जयपुर। राजस्थान में जारी सियासी संग्राम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ताजा बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि वह जब तक जिंदा रहेंगे वे अभिभावक बने रहेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि विधायकों की नाराजगी दूर करना उनकी जिम्मेदारी है। पत्रकार ने सीएम गहलोत से पूछा कि क्या आप पांच साल सरकार चलाएंगे? इस पर उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस पार्टी पांच साल सरकार चलाएगी। मैंने विधायकों से कहा है कि जब तक जिंदा रहूंगा आपका अभिभावक बनकर रहूंगा।

उनके इस बयान के साथ ही अटकलें तेज हो गई है कि क्या सीएम गहलोत सीएम कुर्सी से विदा लेंगे। क्योंकि उन्होंने ये नहीं कहा कि वे पांच साल सरकार चलाएंगे बल्कि उन्होंने ये कहा है कि कांग्रेस पांच साल सरकार चलाएगी। सीएम गहलोत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ ही घंटों के भीतर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ करीब एक महीने बाद जयपुर लौट रहे हैं।

पायलट को नकारा कहने वाले गहलोत ने अब कहा- ‘अभिभावक बनकर रहूंगा’
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि बीजेपी के नेताओं ने पूरा जोर लगा लिया, लेकिन हमारा एक आदमी भी टूट कर नहीं गया। बीजेपी ने हमारी सरकार को किसी भी कीमत पर गिराने का षडयंत्र किया। इस माहौल के बीच भी हमारे एक भी विधायक उनके साथ नहीं गए। ऐसे में सोच सकते हैं कि उनके प्रति मेरी सोच क्या होगी। मैंने उनसे कहा है कि जब तक जिंदा रहूंगा आपका अभिभावक बनकर रहूंगा।

पायलट के सवाल को टाल गए गहलोत
सीएम से जब पूछा गया कि ये काम पहले भी हो सकता था तो इसपर उन्होंने कहा कि ये तो आप उन लोगों से बात कीजिए जिनकी वजह से ये सब हुआ है। सवाल को टालते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान की जनता ने बीजेपी को हराया है। वे उनके बहकावे में नहीं आए। राजस्थान की जनता, हमारे कार्यकर्ता और हमारे विधायकों ने दिखा दिया है कि हम बीजेपी का मुकाबला कर सकते हैं। इनकम टैक्स, सीबीआई सबका दुरुपयोग हुआ है।

आज जयपुर लौटेंगे पायलट और उनके समर्थक विधायक
सचिन पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ आज जयपुर लौट सकते हैं। राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले वाले पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की सोमवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात और मामले के उचित समाधान के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन का फैसला होने के बाद प्रदेश में सियासी संकट का पटाक्षेप होता नजर आ रहा है। पिछले कई हफ्तों से चल रही सियासी उठापठक के बीच पायलट ने राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा से करीब दो घंटे तक मुलाकात की तथा उनके समक्ष अपना पक्ष विस्तार से रखा।

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