मुंबई में हर तरफ बाढ़ जैसे हालात, फंसे लोगों को निकालने की कोशिशें जारी

इन दिनों मुंबई में बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी है। भारी बारिश की वजह से मुंबई में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हर तरफ बस पानी ही पानी। गाड़ियां जगह-जगह फंसी पड़ी हैं, यहां तक ट्रेनें भी फंस गई हैं। एनडीआरएफ और आरपीएफ को भी लोगों की मदद के लिए उतरना पड़ा है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि कल शाम को पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे से बात भी की है और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। दूसरी ओर उद्धव ठाकरे ने लोगों से अपील की है कि वह बिना किसी जरूरी काम के अपने घरों से ना निकलें और घरों में ही सुरक्षित रहें। आइए जानते हैं मुंबई के लोगों को क्या-क्या झेलना पड़ रहा है।

बारिश का 46 साल पुराना रेकॉर्ड टूटा

बुधवार को मुंबई की बारिश का हाल निसर्ग तूफान के दिन से भी ज्यादा खतरनाक नजर आया। कोलाबा में 46 साल बाद अगस्त में 12 घंटे में 294 एमएम बारिश हुई। इससे दक्षिण मुंबई में बरसों बाद सड़कों पर बहुत पानी दिखा। अगस्त महीने में कोलाबा में 1974 में सबसे अधिक बारिश का रेकॉर्ड 262 एमएम का था, जबकि बुधवार को यहां 293.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। पिछले दो दिन से जारी बारिश बुधवार को और बढ़ गई। तेज हवाओं और बारिश के कारण मुंबई में जनजीवन प्रभावित हुआ।

कोविड-हेल्थ सेंटर में घुसा पानी

दो दिन पहले जिस कोविड-हेल्थ सेंटर का उद्घाटन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हाथों हुआ था, उसमें बरसात में पानी घुस जाने से प्रशासन की तैयारियों पर प्रश्नचिन्ह लग गया। मामला भाईंदर पूर्व में बने प्रमोद महाजन कोविड हेल्थ सेंटर का है। भाईंदर पूर्व में सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हाथों 266 बेड के कोविड हेल्थ सेंटर का ई-उद्घाटन सम्पन्न हुआ। शहर में कोविड के मामलों के मद्देनजर इस अस्थाई सेंटर का निर्माण एमएमआरडीए द्वारा किया गया है। इस सेंटर में करोड़ो रुपये की लागत के साथ एक अस्थायी शेड बनाया गया है, जिसमें दवाइयां और अन्य वैधकीय उपकरणों को रखने की व्यवस्था है। फिलहाल इस सेंटर में कुछ खास सामान न होने के कारण बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन प्रश्न उठता है कि अगर यही हाल रहा तो भविष्य में बड़ा नुकसान हो सकता है और इसका सीधा असर कोरोना के खिलाफ लड़ाई पर पड़ेगा। उपायुक्त संभाजी वाघमारे ने मामले की जांच की बात कर ठेकेदार पर कार्रवाई की बात कही है।

नहीं देखा ऐसा नजारा

दक्षिण मुंबई के जिन इलाकों में कभी जलजमाव नहीं देखने को मिलता था, वहां भी सड़कों पर तालाब जैसे दृश्य थे। चर्नी रोड में विल्सन कॉलेज के सामने, गिरगांव, बाबुलनाथ एरिया, पेडर रोड, बालकेश्वर एरिया में सड़कों पर पानी भरा रहा। गिरगांव चौपाटी के सामने रहने वाले हरि भाई ने बताया कि 2005 की बाढ़ में भी इस तरह का नजारा यहां देखने को नहीं मिला था। नरीमन पॉइंट स्थित एक बैंक में काम करने वाले सुधीर पाठक ने कहा कि भारी बारिश की वजह से यहां सड़कों पर गिरे पेड़ और जगह-भरा पानी देखकर ऐसा लग रहा था कि तूफान आया है। चर्चगेट से सीएसएमटी जाने वाली रोड पर भी कई जगह पेड़ और डालियां गिरी थीं। इसससे मंत्रालय और अन्य कार्यालयों के कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

NDRF-RPF ने 290 यात्री सुरक्षित निकाले

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने यहां भारी बारिश के चलते रेल पटरियों पर पानी भर जाने के बाद दो लोकल ट्रेनों में फंसे 290 यात्रियों को सुरिक्षत तरीके से बाहर निकाल लिया। मध्य रेलवे के मुख्य प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। इस बीच, सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री धनंजय मुंडे सहित दर्जनों अन्य लोग यहां ईस्टर्न फ्रीवे पर ट्रैफिक में करीब साढ़े तीन घंटे फंस गये। वह यहां यशवंतराव चव्हाण केंद्र में राकांपा नेताओं की एक बैठक में शरीक होने जा रहे थे।

पालघर में बाढ़ में फंसे 22 लोग बचाए

महाराष्ट्र की पालघर ग्रामीण पुलिस ने जिले में भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति के बीच 22 लोगों को सकुशल बचा लिया। इनमें पांच वर्षीय एक बच्ची भी शामिल है जो पेड़ पर चढ़ गई थी और चार घंटे से भी अधिक समय तक वहीं फंसी रही। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, पालघर के तलासरी में दारोता कालू नदी भारी बारिश के कारण उफान पर आ गई और इसका पानी कई घरों में घुस गया। पुलिस ने बताया कि जिले में अलग-अलग स्थानों से बाढ़ के पानी में घरों एवं अन्य स्थानों पर फंसे कुल 22 लोगों को सकुशल बचा लिया। इन लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।

जेजे अस्पताल में घुसा पानी

मुंबई में भारी बारिश की वजह से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। वहां के जेजे अस्पताल में भी पानी घुस गया, जिससे काफी परेशानी हुई। अस्पताल की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं।

तेज हवाओं से क्रेन पलटी, स्टेडियम को नुकसान

भारी बारिश के साथ ही बेहद तेज गति से चली हवाओं के कारण बुधवार को मुंबई में जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। हवाओं की गति इतनी तेज थी कि जेएनपीटी में भारी-भरकम क्रेन तक पलट गई। इसी तरह बंबई शेयर बाजार की इमारत पर लगा उसके नाम का बोर्ड बुरी तरह टूट गया। तेज हवा के कारण नवी मुंबई स्थित डीवाई पाटिल स्टेडियम को भी क्षति पहुंची और कई रेलिंग हवा में उड़ गईं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दिखाई पड़ रहा है कि स्टेडियम में छज्जे की तरह लगायी गई धातु की चादरों में से एक उड़कर पास की इमारतों के पास जा गिरी।

उधर, दक्षिण मुंबई में वानखेड़े स्टेडियम की हाइ मास्ट लाइट वाले खंभे तेज हवा के साथ हिलते दिखाई दिए। दक्षिण मुंबई में स्थित जसलोक अस्पताल के भवन की बाहरी दीवारों पर लगी सीमेंट की टाइलें भी गिर गईं। हवा की गति इतनी तेज थी कि बुधवार दोपहर को पड़ोस के रायगढ़ जिले में जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) पर लगे तीन क्रेन तक गिर गए।

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