‘मूर्तियां रखने, पूजने के बाद भी रहेगी मस्जिद ही’

नई दिल्ली: अयोध्या में पांच अगस्त यानी आज भव्य राम मंदिर का भूमि पूजन पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों से हुआ है । ऐसे में अयोध्या में दिवाली जैसा उल्लास है। इसी बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बड़ा बयान जारी किया है। बोर्ड ने कहा कि बाबरी मस्जिद हमेशा एक मस्जिद रहेगी। सु्प्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है लेकिन न्याय को शर्मिंदा किया है।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना वली रहमानी  ने बयान जारी कर कहा कि बाबरी मस्जिद कल भी थी, आज भी है और कल भी रहेगी। मस्जिद में मूर्तियां रख देने से या फिर पूजा-पाठ शुरू कर देने या एक लंबे अर्से तक नमाज पर प्रतिबंध लगा देने से मस्जिद की हैसियत खत्म नहीं हो जाती। कहा कि हमारा हमेशा यह मानना रहा है कि बाबरी मस्जिद किसी भी मंदिर या किसी हिंदू इबादतगाह को तोड़कर नहीं बनाई गई। कहा कि हालात चाहे जितने खराब हों हमें हौसला नहीं हारना चाहिए। खालिफ हालात में जीने का मिजाज बनाना चाहिए।

मौलाना मोहम्मद वली रहमानी ने कहा, “यह हमेशा हमारी स्थिति रही है कि बाबरी मस्जिद को कभी भी किसी मंदिर या किसी हिंदू पूजा स्थल को ध्वस्त करके नहीं बनाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसले में हमारी स्थिति की पुष्टि की है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्वीकार किया कि 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद का विध्वंस एक गैरकानूनी, असंवैधानिक और आपराधिक कृत्य था। यह वास्तव में खेदजनक है कि इन सभी तथ्यों को स्वीकार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक अत्यंत अन्यायपूर्ण व्यवहार किया। बयान में कहा गया है कि फैसले ने मस्जिद की जमीन को उन लोगों को सौंप दिया, जिन्होंने मस्जिद में आपराधिक तरीके से मूर्तियों को रखा था और इसके आपराधिक विध्वंस के पक्ष में थे।

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