86 मौतों से कांपा राज्य: CM ने दिया बड़ा आदेश, 7 अधिकारी और 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड

चंडीगढ़: पंजाब में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। अब तक जहरीली शराब से राज्य में 86 लोगों की मौत हो चुकी है। इस मामले में अमरिंदर सिंह सरकार ने भी सख्त कार्रवाई की। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अब तक सात आबकारी अधिकारियों और छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया। पुलिस ने भी अब तक मामले में आरोपी 25 लोगों को गिरफ्तार किया है।

जहरीली शराब से अबतक 86 मौतें:
पंजाब के तीन जिलों में जहरीली शराब का कहर बरपा। कुल 86 लोगों की मौत शराब पीने से हुईं। जिसमें सबसे ज्यादा मौते तरनतारन में हुईं। वहीं अमृतसर और गुरदासपुर के बटाल में भी कई जानें गयीं। अभी मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रह है।

7 आबकारी अधिकारी और 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड:
मामले में पुलिस और आबकारी विभाग पर मिली भगत का आरोप लगने और लापरवाही सामने आने के चलते मुख़्यमंतीर अमरिंदर सिंह ने आबकारी विभाग के 7 अधिकारियों पर एक्शन लिया। वहीं 6 पुलिस कर्मियों को भी सस्पेंड किया। इनमें दो उप पुलिस अधीक्षक और चार थाना प्रभारी शामिल हैं। वहीं मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गयी है। जांच के आधार पर किसी भी सरकारी अधिकारी या पुलिसकर्मी का नाम आने पर उस पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दो-दो लाख मुआवजे का एलान:
इसके अलावा अमरिंदर सरकार ने जहरीली शराब से मरने वालों के परिजनों को दो दो लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया है। बता दें कि पीड़ित परिवारों ने पुलिस की मिली भगत से गांवों में अवैध शराब का बड़ा कारोबार चलने का आरोप लगाया था। इतनी मौतों से राज्य में मातम छाया हुआ है।

अबतक 27 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने अमृतसर, गुरदासपुर के बटाला और तरन तारन में जहरीली शराब पीने से हुई इतनी मौतों के मामले में अब तक मामले में राज्य में 100 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान 25 लोगो को गिरफ्तार किया गया।

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