अभी-अभी: देशभर के कर्मचारियों पर टूटा मुसीबतों का पहाड़, जानकर लगेगा झटका

नई दिल्ली। अगस्त के महीने का आगाज हो गया है। नया महीना आते ही कई नियम बदल जाते हैं। ऐसे में इस बार भी एक जरूरी बदलाव हुआ है, जिसका सीधा कनेक्शन आपकी सैलरी से है। होने वाले इस बदलाव से अगस्त महीने में आपकी टेक होम सैलरी कम आएगी। तो चलिए बताते है आपको इसके बारे में पूरी बात।

कर्मचारियों की टेक होम सैलरी
देशभर में महामारी कोरोना संकट की वजह से सरकार ने पीएफ से जुड़े कुछ नियम बदले थे। इसमें एक नियम पीएफ का योगदान था। इस नए नियम के चलते पीएफ योगदान को 12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया था, जिससे कर्मचारियों की टेक होम सैलरी 2 प्रतिशत तक बढ़ जाए।

ऐसे में ये जरूरी नहीं, बल्कि कंपनी को कर्मचारी से पूछना था। ये नियम जुलाई तक के लिए ही था। यानी कि जिन लोगों ने भी इस नए नियम को सेलेक्ट किया था, उनकी अगस्त महीने से टेक होम सैलरी कम आएगी। आपको बता दें कि इस नए नियम में लोगों की टेक होम सैलरी तो बढ़ गई थी लेकिन पीएफ में योगदान कम हो गया था।

सरल भाषा में समझें तो इस नियम में सरकार ने आपके पैसे को ही पीएफ खाते में रखने के बजाए दूसरे तरीके से आपको रकम दिया है। ईपीएफओ से जुड़े कर्मचारियों के हाथ में ज्‍यादा से ज्‍यादा नकदी पहुंचे, इसी उद्देश्य से बदलाव किया गया था।

कंपनी की तरफ से भी पीएफ
चलिए बता दें कि सामान्य तौर पर किसी भी कर्मचारी के मूल वेतन का 12 प्रतिशत योगदान कर्मचारी करता है, और इतना ही अंशदान नियोक्ता या कंपनी की तरफ से भी पीएफ में किया जाता है।

साथ ही किसी भी कंपनी या नियोक्‍ता के हिस्से के 12 प्रतिशत योगदान में से 8.33 प्रतिशत का योगदान कर्मचारी पेंशन योजना मतलब ईपीएस में होता है।

वहीं बची 3.67 प्रतिशत रकम का योगदान कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) में होता है। इसके दूसरी तरफ, कर्मचारी के हिस्से का पूरा 12 प्रतिशत ईपीएफ यानी आपके पीएफ फंड में जाता है।

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